गुरुवार, 26 मार्च 2020

सरकारी नौकरी के लिए भर्ती में भ्रष्टाचार से स्टूडेंट परेशान

देश के युवा सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार से खासे परेशान हैं। परेशान हो भी क्यों नही, उन्हें एक दो नही बल्कि कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी), कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) की चयन प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार है। सरकारी नौकरियों के लिए एप्लीकेशन सबमिट करने से लेकर ही परेशानी शुरू हो जाती है। दुखद बात यह है कि देश के बदलाव में  अहम भूमिका निभाने वाले नौजवानों के भविष्य को संवारने के लिए कुछ नही किया गया। जबकि युवा ही देश के भविष्य हैं। दुर्भाग्य है कि जिन नेताओं पर युवाओं ने भरोसा जताया उन नेताओं ने अपने हित साधने उन्हें दरकिनार कर दिया या यों कहें कि नौजवानों का बेजा इस्तेमाल किया।   
दूसरी ओर जब नेताओं को अपना भत्ता बढाने की बात हो तो रातों रात मसौदा तैयार कर लेते हैं और गरीब लोगों की गाढी कमाई से जमा खजाने से सुख और मौज करते है। उस वक्त नेताओं को ऐसा लगता है कि ये धन उनके पूर्वजों ने उन्हीं के लिए छोड़ गये थे। उन्हें अपना भत्ता बढाने में जरा भी हिचकिचाहट नही होती है। लेकिन यही बात जब युवकों की भलाई के लिए होता है तो उनके सांप सूंघ जाते हैं। उस वक्त  लाखों करोड़ो युवकों की सुध लेने वाला कोई नही होता है जो नौकरी पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। देश के नौजवानों का आजादी के 70 साल भी शोषण हो रहा है। ये नौजवान अपने कैरियर की चिंता और भ्रस्ट सिस्टम के आगे घुटने टेक कर अपनी किस्मत और व्यवस्था को कोष कर जीवन की राह पर आगे बढ जाते हैं। आइये इस बारे में हम विस्तार से जानते हैं और इसे एक मुहिम बनाकर इस भ्रस्ट व्यवस्था को खत्म करने में शामिल होते हैं।

SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR
SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT(PRATIKATMAK PHOTO)


युवाओं के एक नही अनेक समस्याएं हैं:


 युवाओ के रोजगार को लेकर समस्या एक नही बल्कि अनेकों हैं लेकिन सबसे पहले हम उस समस्या पर चर्चा करेंगे जो निहायत ही गलत व्यवस्था चलता आ रहा है। ये समस्या एक बेरोगार युवक के लिए मामूली हो सकता है लेकिन अगर इसे समग्र में देखें तो ये युवाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। हम बात कर रहे हैं-
SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR
SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT(PRATIKATMAK PHOTO)


सरकारी नौकरी के लिए भर्ती प्रक्रिया में फीस धांधली:


सरकारी नौकरी के लिए भर्ती प्रक्रिया के नाम पर वसूले जाने मोटी फीस की। जी हां हम बात कर रहे हैं सरकारी नौकरी  भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जमा किया जाने वाला शुल्क(फीस) की। जानकारी के लिए बता दें कि सरकार नौकरी पाने के लिए आपको आवेदन देना होता है जिसमें आपको एक निश्चित राशि डिमांड ड्राफ्ट, पोस्टल आर्डर एवं अन्य तरीकों से लिया जाता है और अब आनलाऩ मोड से ये शुल्क लिया जाता है। इस फीस को जमा कराये बिना आपका आवेदन मान्य नही होगा। ऐसे में गरीब से गरीब उम्मीदवारों भी ये शुल्क किसी न किसी तरह से जमा कराना होता है। हजारों ऐसे लोग हैं जो सरकारी नौकरी के आभाव में पेट काट कर भी फीस जमा कराते है। 

SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT
SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT(PRATIKATMAK PHOTO)

सरकारी नौकरी के लिए पेट काट कर फीस जमा कराते हैं-


और उनमें से लाखों ऐसे उम्मीदवार हैं जिनका नौकरी के लिए दिया गया आवेदन किसी ना किसी कारण से रद्द कर दिया जाता है। किसी नौकरी के लिए निर्धारित योग्यता नही होने पर किसी उम्मीवार का आवेदन रद्द किया जा सकता है। यहां तक तो बात समझ में आती है कि संबंधित भर्ती बोर्ड की ओर से किसी कारण से किसी उम्मीवार को संबंधित नौकरी के लिए अयोग्य करार दिया जा सकता है। यह मानने वाली बात है कि किसी का आवेदन अस्वीकार कर दिया गया।

SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT
SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT(PRATIKATMAK PHOTO)

आवेदन रद्द होने पर उम्मीदवारों के जमा कराये गये शुल्क उन्हें नही लौटाये जाते है! 


लेकिन आप एक बात बतायें कि आवेदन रद्द होने की स्थिति में गरीब उम्मीदवारों के द्वारा जमा कराया गया शुल्क राशि भी रद्द हो जाता है? अगर आवेदन रद्द हो जाता हो तो क्या उम्मीदवारों के जमा कराये गये शुल्क उन्हें नही लौटाया जाना चाहिए? हम जानना चाहते हैं कि कितने ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके शुल्क संबंधित भर्ती बोर्ड की ओर से वापस किये गये। ऐसे उदाहरण विरले ही मिलेगे कि किसी भर्ती बोर्ड की ओर से किसी उम्मीदवार के शुल्क वापस लौटाये गये। कहां जाते है गरीबों के पेट काट कर जमा कराये गये लाखों करोड़ो रुपये? क्या ये सिलसिला आज से चल रहा है? नही ये हाल आजादी के बाद से ही है। लेकिन आज तक किसी ने इस विषय को उठाने की जहमत नही उठायी। किसी नेता ने सुध नही ली। अगर सौ रुपये ही शुल्क के पैसे वापस लौटाये जाते हैं तो एक गरीब उम्मीदवार के लिए ये कम नही होगा। इस राशि को ना लौटाये लेकिन इसके बदले कोई कूपन जारी कर दे जिससे अगली भर्ती प्रक्रिया में इसका इस्तेमाल किया जा सके। ये भी व्यवस्था का एक हिस्सा हो सकता है लेकिन फीस नही लौटाना तो सरासर अन्याय है। 

SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT
SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT(PRATIKATMAK PHOTO)

भर्ती के लिए फीस 100 से लेकर 2000 तक वसूले जाते हैं लेकिन आवेदन रद्द् होने पर फीस नही लौटाये जाते हैं :


और आज के दौड़ में किसी भर्ती के लिए लिया जाना वाल फीस कोई मामूली धनराशि नही होता है 100 से लेकर 1000 और 2000 रुपये तक होता है। अगर कोई ये राशि सरकार को दे रहा है तो उससे कुछ पाने की भी उम्मीद रखेगा लेकिन इस व्यवस्था में इस समस्या पर बात करने वाला कोई नही है।
SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR
SARKARI NAKRIYON KI BHARTI ME BHRASTACHAR SE PARESHAN STUDENT(PRATIKATMAK PHOTO)

एक उम्मीदवार व्यवस्था के खिलाफ लड़ने से डरता है कि कहीं उसका कैरियर ना खराब हो जाये। कई लोगों के पास समय नही होता कि कैरियर के मजधार में वह सिस्टम के खिलाफ लड़े। सिस्टम से लड़ना कोई बच्चों का खेल नही है । लेकिन ऐसा भी नही है कि इसे खत्म नही किया जा सकत है अगर हम आप सभी एक साथ इस समस्या को समाप्त करने की दिशा में उठाये।
तो आइये इस समस्या को दूर करने को लेकर एक मुहिम चलायें।     
जय भारत......

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें